पथरी के कारण, लक्षण और निकालने अदभुत घरेलू उपाए pathri ka gharelu ilaj in hindi

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pathri ka gharelu ilaj in hindi

Hello Dosto

आज हम जानेगे। कि हमारे पेट में पथरी (Stone) क्यों और कहाँ से उतपन होती है, इसके लक्षण, कारण क्या – क्या है। इसको ठीक करने के मै आपको कुछ ऐसे desi upaye बताउगा। जिसका प्रयोग करने से आप कि पथरी निकल जाएगी। आप को शायद ये भी पता नहीं होगा। कि पथरी कितने प्रकार कि होती है। Pathri ka gharelu ilaj in hindi

pathri ka gharelu ilaj in hindi
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Stone रोग मूत्र संस्थान से संबंधित रोग है, पथरी छोटे – छोटे रेत के कणों से बढ़कर धीरे – धीरे बढ़ी होती है। यह खुरदरी, चिकनी और आकर में गोल पाई जाती है। सबसे अधिक पथरी पुरुषो में होती है। लगभग 85 % पथरी का निर्माण कैल्शियम ओक्जेलेट से होता है। सबसे अधिक दर्द गुर्दे की पथरी का माना जाता है। मूत्र में पाये जाने वाले रासायनिक तत्वों से मूत्र के अंगों में पथरी बनती है।

पथरी के लक्षण (Stone Symptoms in Hindi)

पथरी होने के निम्नलिखित लक्षण है-

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  • पेट में बहुत तेज दर्द होना।
  • पथरी होने पर पेशाब रुक – रुक कर आना या कम आना।
  • पेट दर्द के साथ उल्टी और दस्त।
  • गुर्दे की पथरी का मुख्य लक्षण पीठ और पेट में बहुत तेज दर्द होना।
  • दर्द के साथ जी मिचलाना।
  • पेशाब का रंग असमान्य होना।
  • पेट दर्द रह – रह कर उठना।
  • पेशाब में गंद आना।
  • ठंड लगना।
  • पेशाब में खून आना।
  • पेशाब करते समय दर्द( तकलीफ ) होना।

पथरी होने के कारण (Stone Causes in Hindi)

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  • पानी की कमी

जब व्यक्ति के शरीर में पानी की कमी आ जाती है, तो उसके यूरीन में समस्या हो जाती है। शरीर में कैल्शियम का सही अवशोषण न होने पर स्लॉट बनना और पथरी के कण बनने लगती है।

  • मोटापे के कारण

इससे शरीर में एसिडिक यूरीन अधिक मात्रा में बनता है। लवण और खनिज की चीजे खाने से पानी का शरीर में आह होता है, कुछ सब्जियाँ जैसे पालक, अरबी और टमाटर इनमें बहुत अधिक लवण पाया जाता है। जिससे शरीर में पथरी होने के अधिक खतरा होता है। Pathri ka gharelu ilaj in hindi

  • जमीनी पानी के कारण

कई बार हम देखते है कि जो लोग खेत में रहते है या शहर में, जिनके धरती यानि पताल से पानी आता है। वो पानी वे सीधा ही इस्तेमाल कर लेते है। जिसके लगातार सेवन से उनके दांत खराब हो जाते है, और साथ में पथरी भी बन जाती है। पथरी बनने का सबसे बड़ा कारण जमीनी पानी को माना गया है।

  • जंक फ़ूड

junk Foods खाने से भी पथरी बनती है। इसमें सोडियम कि अधिकता होती है, जिस कारण कैल्सियम का अधिक उत्सृजन होता है। जिससे पथरी बनने का खतरा रहता है।

  • Soft Drink

लगातार और अधिक मात्रा में सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन हमारे शरीर के लिए बहुत अधिक हानिकारक होता है। इससे यूरीन कि मात्रा बढ़ती है। यह कैल्शियम को ग्रहण करने कि क्षमता को कम कर देता है। ऐसे में कैल्शियम के उतसर्जन की आशंका बढ़ती है। जो बाद में पथरी का कारण बनती है।

  • विटामिन

विटामिन डी का अधिक मात्रा में सेवन करने से भी पथरी बन जाती है। इसके लिए आप को विटामिन डी से युक्त खाद्य – पर्दार्थों का सेवन नहीं करना होगा। विटामिन डी से युक्त खाद्य – पर्दार्थ

पथरी के प्रकार (Types of Stone in Hindi)

पथरी तीन प्रकार की होती है –

  • कैल्सियम (Calcium Stone)

यह सबसे आम पथरी है। जो पुरुषों को महिलाओं से अधिक होती है। लगभग जिन पुरुषों की आयु 18 से 30 साल के बीच में है उनको यह पथरी बहुत होती है। इसका दर्द भी बहुत होता है।

  • स्ट्रवाइन (Struvite Stone)

यह पथरी महिलाओं में बहुत अधिक पाई जाती है। यह मूत्रमार्ग में होने वाले सक्रमण की वजह से होती है। स्ट्रवाइन पथरी बढ़कर गुर्दे और मूत्रवाहिनी को अवरुद कर सकती है।

  • यूरिक एसिड (Uric Acid Stone)

यह पथरी भी ज्यादातर पुरुषों में पाई जाती है। इस पथरी का मुख्य कारण मूत्र में एसिड की मात्रा का अधिक होना है। इसका दर्द सबसे अधिक होता है।

बचाव के उपाए (pathri ka gharelu ilaj in hindi)

  • ज्यादा से ज्यादा दिन में पानी पियें।
  • आहार में प्रोटीन, नाइट्रोजन तथा सोडियम की मात्रा कम हो।
  • चॉकलेट, सोयाबीन, मूंगफली और पालक आदि के साथ कोल्ड ड्रिंक न लें।
  • पथरी के मरीज को अंगूर और करेला खाना अधिक बताता है।
  • पथरी के मरीज को प्रतिदिन सुबह अनार का जूस पीना चाहिए।
  • रोगी को हल्का भोजन खाना चाहिए।
  • रोगी को रोजाना नारियल पानी पीना चाहिए।
  • पथरी के मरीज को मीठे पदार्थो का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • रोगी को दही व लस्सी फूल दें।
  • निम्बू का रस और जैतून का तेल मिलाकर पियें।
  • तुलसी की पत्तियों को चबायें।
  • गाजर का जूस पियें।
  • पथरी को दूर करने के लिए आप योग भी कर सकते है-
    • धनुरासन
    • कपालभाति
    • भुजंगासन
    • हलासन

देसी इलाज (pathri ka Gharelu Desi ilaj in hindi)

  • पपीते की जड़

10 ग्राम पपीते की जड़ को पीस लें, अब इस 100 ग्राम पानी में मिलाकर अच्छे से घोल लें। इसको साफ कपड़े से छानकर पथरी के रोगी को पिलायें। लगातार 20 दिनों तक यह मिश्रण पीने से पेट में पथरी गल जाएगी। और पेशाब के साथ बहार निकल जाएगी।

प्रतिदिन 10 दिनों तक अजवाइन के पौधे का जूस पीने से आप के पेट की पथरी बहार निकल जाएगी। इससे आपकी किडनी भी ठीक रहती है।आप अजवाइन के बीजों का सेवन भी कर सकते है।

  • नीम

नीम के 10 पत्तों को एक गिलास पानी में उबाल लें। इसको तब तक उबाले जब तक यह एक चौथाई न रह जायें। बाद में छानकर ठंडा होने पर इसको सुबह – शाम पीने से पथरी गल कर पेशाब से निकल जाती है।

  • आम के पत्ते

आम के पत्तों को सुखाकर बारीक़ चूर्ण बना लें। प्रतिदिन 40 दिनों तक दो – दो चम्मच चूर्ण पानी के साथ लेने से पथरी गलकर पेशाब के द्वारा निकल जाती है।

  • इलायची और मिश्री

10 से 12 दाने इलायची के , दो चम्मच मिश्री और एक चम्मच खरबूजे के बीज लें। इनको एक कप पानी में मिलाकर पीने से पथरी गलकर निकल जाती है।

प्रतिदिन अंकुरित चना खाने से पथरी नहीं होती है। पेट साफ रहता है और पाचन शक्ति बढ़ती है।

  • मिश्री, सौंफ और सूखा धनिया

इन तीनों की 100 – 100 ग्राम मात्रा लें। इनको तीन लीटर पानी में डालकर रात को भिगो दें। अगले दिन इसको निकालकर पीस लें, और अब इसको पानी में गोलकर तीन से चार दिन पीने से पथरी जड़ से खत्म हो जाएगी।

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