फूली शिराओं के दर्द का कारण और उपचार varicose veins ka ilaj in hindi

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varicose veins ka ilaj in hindi

आज हम जानेंगे। कि हमारे शरीर के किसी भी भाग की शिराएं किस कारण और क्यों फूल जाती है। इससे हमे क्या – क्या परेशानी होती है। और फूली शिराओं को ठीक करने का उपाए है। जानिए पूरी जांनकारी इस लेख में विस्तार से।varicose veins ka ilaj in hindi

varicose veins ka ilaj in hindi

किसी भी व्यक्ति के शरीर के किसी भाग की शिराओं यानि नाड़ियों में सूजन आना। इसको वेरिकोज वेन भी कहाँ जाता है। इससे शिराओं में सूजन आ जाती है। और बहुत अधिक दर्द भी होता है। शरीर की त्वचा पर नीले रंग के जाल के रूप में प्रकट होती है। कई बार ये शिराएं फूट भी जाती है। जिनसे खून रिसना बंद नहीं हो पाता है।

फूली शिराएं

यह रोग शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। ज्यादातर यह रोग पैरों को प्रभावित करता है। इससे आसपास की पतली लाल शिराएं भी दिखने लगती है। इस समस्या को सतही वेरिकोज वेन की समस्या कहाँ जाता है। यह दिखने में बहुत भद्दी होती है। लेकिन इससे स्वास्थ्य पर इतना अधिक प्रभाव नहीं पड़ता है। इनसे टांगों में दर्द के अलावा थक्के बन सकते है। यह बहुत गंभीर समस्या है। जब अंग की चमड़ी उतरने लगे। लगातार दर्द हो और चमड़ी में अल्सर हो तो समस्या बहुत अधिक गंभीर बन जाती है।

ये होते है, कारण (varicose veins ka ilaj in hindi)

फूली शिराओं से परेशान रोगी को बहुत दर्द का सामना करना पड़ता है। इसके होने के कई कारण हो सकते है। जिनमेँ से कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित है-

  • रक्त चाप का बढ़ना

शरीर के किसी भी भाग की शिराओं के फूल जाने का सबसे प्रमुख कारण है। शरीर में रक्त चाप के प्रभाव का अधिक बढ़ जाना। इससे शरीर की शिराएं फैल जाती है। और रक्त को ह्दय की और ले जाने वाले वाल्व अक्षम हो जाते है। ऐसी स्थिति में रक्त शिरा में जमा हो जाता है।
जिससे शिराएं टेडी – मेडी और फूल जाती है।

  • मोटापे के कारण

जिस प्रकार हम सभी जानते है। कि सभी रोगों का कारण मोटापा तो होता ही है। उनमेँ से शिराओं का फूल जाना भी है। जो व्यक्ति मोटापे का शिकार होता है। उसको भी यह समस्या हो सकती है। जिस कारण नाडी नीली हो जाती है। और बहुत अधिक दर्द भी होता है।

  • आलस

शिराओं का फूल जाने का प्रमुख कारण आलस भी है। जिस व्यक्ति को अधिक आलस आता है। काम करने में मन नहीं लगता है। अक्सर उनको यह रोग होना संभाविक है।

  • ट्यूमर

शरीर में किसी भी अंग की शिराएं फूलने का कारण ट्यूमर रोग भी हो सकता है। जो व्यक्ति ट्यूमर का रोगी है। उसको ये पता भी नहीं होता है। कि उसको इस रोग के कारण अन्य रोग भी हो सकते है।

  • उम्र के हिसाब

जिस प्रकार व्यक्ति की उम्र बढ़ती जाती है। उसी तरह उसके शरीर में उनके परिवर्तन आते है। उनको उम्र के हिसाब से अनेक बीमारिया भी घेर लेती है। शरीर के किसी भी भाग की शिराओं का फूल जाना भी उनमेँ से एक प्रमुख रोग है।

लक्षण

शिराओं के फूल जाने पर निम्नलिखित लक्षण उत्तपन होते है-

  • इससे नाड़ बैगनी और काली दिखाई देने लगती है।
  • नाड़ियों में दर्द होता है।
  • सूजन भी आ जाती है।
  • कई बार रक्त भी स्त्राव होने लगता है।
  • लम्बे समय तक बैठने में समस्या उत्तपन होना।
  • खड़े रहने में दिक्क्त आना।
  • मांसपेशियों में दर्द होना।
  • जलन होना।
  • शिराएं फूले हुए स्थान पर खुजली होना।

उपचार (varicose veins ka ilaj in hindi)

जब किसी व्यक्ति की शिराएं या नाड़ी फूल जाती है। तो समय पर उसकी देखभाल करने से उस रोग से छुटकारा पाया जा सकता है। यानि उसका इलाज संभव है। आसानी से रोग से मुक्ति मिल जाती है।

  • पैरों को 15 मिनट तक गर्म पानी से धोये। और बाद में कुछ मिनट तक ठंडे पानी में रखे।
  • प्रतिदिन योगासन करे।
  • अपने खानपान पर ध्यान दें।
  • मोटापे को कम करे।
  • लगातार एक स्थान पर न बैठे और न खड़े रहे।
  • आप टेरी टॉवल को पानी में भिगोकर प्रभावित अंग पर लगाए।
  • ज्यादा से ज्यादा विटामिन सी का सेवन करे।
  • विटामिन के साथ – साथ संतरा व खट्टा फल का सेवन जरूर करे।
  • आपको अनार,देशी चना, छिलके वाली दाल, लहसुन, गाजर, पालक, दही और शहद का प्रयोग बहुत अधिक लाभकारी होता है।
  • लगातार कसरते करे।
  • नियमित रूप से प्राणायाम करे।

इसके अलावा कई बार यह समस्या इतनी अधिक बढ़ जाती है। जिस कारण रोगी को लेजर सर्जरी करवानी पड़ती है। और कई बार डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों से भी इस रोग से छुटकारा मिल जाता है।

सावधानी

रोगी को किसी समय टांगों के नीचे कुछ मिनटों के लिए तकिया रखना चाहिए। ताकि टांगों की तरफ से खून सुगमतापूर्ण ह्दय की और जा सके। ऐसे रोगियों को एक ही आसन में लगातार नहीं बैठना चाहिए। ऊंची एड़ी वाले जूते तथा नायलॉन के मोज़े नहीं पहनना चाहिए। ऐसे रोगियों को चाय, डिब्बे में बंद खाद्य पर्दार्थ, मसालेदार, भोजन और तली हुई चीजे नहीं खानी चाहिए।

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