क्या वाकई में खतरनाक है- जीएम फ़ूड जानिए इसके पीछे का राज

0
126
What is GM food in hindi

Hello Dosto
इस लेख में आप जीएम फ़ूड के बारे में जानेगे। कि वाकई में इसका इस्तेमाल करना चाहिए। या नहीं, इससे फसलों व किसानों को क्या – क्या फायदा होगा। और क्या – क्या नुकसान होगा। इससे संबंधित सभी जानकारी जानने के लिए आपको यह लेख अवश्य विस्तार पूर्वक पढ़ना चाहिए। what is gm food in hindi read more…………………….

What is GM food in hindi
Image Source Google


जेनेटिक इंजीनियरिंग को आसान भाषा में समझा जाएं। तो इसका मतलब है, कि किसी पेड़ – पौधे या जीव के अनुवांशिक या प्राकृतिक गुणों को बदलना। इसकी सहायता से डीएनए या जीनोम कोड को बदला जाता है।

क्या है जीएम फ़ूड – What is G M food in hindi

जीएम का पूरा नाम जेनेटिक इंजीनियरिंग या जेनेटिकली मंडीफाइड है। इसका इस्तेमाल फसलों के गुणों में बदलाव के लिए किया जाता है। इसका हम एक उदारण लेकर समझते है। जिस प्रकार यदि किसी को राजस्थान में धान कि खेती करनी है। और वहाँ पर पानी कि भी कमी है। इस स्थिति में हम जीएम की सहायता से बीज की खोज करते है। ताकि हम कम पानी वाले स्थान पर भी धान की खेती कर सके। और अपनी आय व मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति कर सके। समय बीतने के साथ – साथ इसके कुछ लाभ भी है। और कई नुकसान भी देखने को मिलते है। इसके लिए आप यह लेख पूरा पढ़ते रहे।

फसल के नुकसान का खतरा – what is Gm foods in hindi 2019

एक रिसर्च से पता चला है। कि जीएम से फसलों को कितना अधिक नुकसान होता है। एक कृषि विशेष्य ने बताया, कि उसने एक बैगन कि फसल को जीएम यानि जेनेटिक इंजीयरिंग की सहायता से तैयार किया था। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक थी। और कीड़े लगने का खतरा कम ही था। इसकी वजह से बहुत अच्छी फसल हुई। लेकिन कुछ ही दिनों बाद देखा की इसके पत्ते खाने से लगभग किसान की 500 से अधिक भेड़े मर गई। और अधिकतर जानवर बीमार हो गई। और कुछ दिन बाद वो भी मर गए।

अब आप खुद सोचो, कि जानवरों पर इतना अधिक प्रभाव पड़ा है। तो मनुष्य के स्वास्थ्य का क्या हाल होगा। इसके अलावा एक और खबर सामने आई थी। कि 2002 में किसानों ने कपास की फसल के लिए जीएम का इस्तेमाल किया। जिसकी वजह से कपास के ऊपर बढ़ने वाली रुई बढ़ना बंद हो गई। इसके अलावा बहुत अधिक मामले सामने आये है। कि जीएम की वजह से किसानों को हो रहा है। बहुत अधिक और भारी नुकसान।

According to oneindia.com

क्या है इस पर विवाद

भारत में सन 2002 में 55 हजार किसानों ने आत्महत्या कर ली थी। इन किसानों ने जीएम कपास उगाई थी। फसल रोपने के चार महीने बाद कपास का बढ़ना बंद हो गया था। इसकी पत्तियां भी झड़ने लगी थीं। बताया जाता है। जिसका परिणाम फसल के खराब होने के रूप में सामने आया था। आंध्र प्रदेश में अकेले अस्सी फीसदी कपास की फसल बर्बाद हो गई थी।

पेड़ – पौधे है जीवन का आधार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here