जानिए,योग क्या होता है what is yoga in Hindi 2019

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what is yoga in hindi

Hello dosto

आज हम जानेंगे कि (what is yoga)योग क्या है। योग करने से हमे क्या – क्या फायदे होते है। तथा योग करते समय हमे किन – किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। योग की शुरुआत कब, कहाँ और किसने की थी? योग करने से व्यक्ति हमेशा स्वस्थ, सुंदर व जवान दिखाई देता है।How to look young and beautiful.

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हमारे जीवन में शारीरिक तंदरुस्ती का अपना विशेष महत्व है। शरीर को स्वस्थ एवं निरोग रखने में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वास्तव में योग शब्द संस्कृत भाषा के ‘युज’ शब्द से बना है, जिसका अर्थ है – जोड़ या मेल। योग वह क्रिया हैं जिसमें जीवात्मा का परमात्मा से मेल होता हैं। यह केवल शारीरिक व्यायामों की प्रणाली ही नहीं , बल्कि यह संपूर्ण और भरपूर जीवन जीने की कला भी हैं । what is yoga in hindi

योग का उद्देश्य :-

योग का उद्देश्य जीवात्मा का परमात्मा से मिलाप करवाना हैं। इसका मुख्य उद्देश्य शरीर को नीरोग, फुर्तीला, जोशीला, लचकदार और विशिष्ट शक्तियो का विकास करके मन को जितना हैं।

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योग का इतिहास उतना ही पुराना है, जितना कि भारत का इतिहास। इस बारे में अभी तक ठीक से पता नही चला सका है? लेकिन योग भारत की ही देन है। सिंधु घाटी में मोहनजोदड़ो की खुदाई से पता चलता है कि 3000 ईसा पूर्व में इस घाटी के लोग योग का अभ्यास करते थे। महर्षि पंतजलि द्वारा योग का प्रथम पुस्तक ‘ योग-सूत्र ‘ लिखी गई, जिसमें उन्होंने योग की अवस्थाओं एवं प्रकारों का विस्तृत उल्लेख किया है।जानिए, what is yoga in hindi 2019

योग के चरण :-

महर्षि पंतजलि ने योग के आठ चरण बताए हैं। जिसमेँ से पहले पांच चरण का संबंध बाहरी यौगिक क्रियाओं के साथ हैं और बाद के चरणों का संबंद आंतरिक यौगिक क्रियाओं के साथ हैं। हम एक-एक चरणों को विस्तार से जानेंगे।

1. यम :– यम का अधिक संबंध सामाजिक संबंधो के साथ है। यम का पालन करके व्यक्ति अपने जीवन को सुंदर और सुखमय बना सकता है। इसके पांच भाग – अहिंसा ,सत्य ,अपरिग्रह ,ब्रहाचर्य और अस्तेय हैं। what is yoga in hindi
2. नियम :– नियम से अभिप्राय व्यक्ति द्वारा समाज स्वीकृत नियमों के अनुसार ही आचरण करना है। जो व्यक्ति नियमों के विरुद्ध आचरण करता है, तो समाज उसे सम्मान नहीं देता है। इसके विपरीत जो व्यक्ति समाज द्वारा स्वीकृत नियमों के अनुसार आचरण करता है, तो समाज उसे सम्मान देता है। नियम के पांच भाग होते है- शौच या शुध्दि ,संतोष ,तप ,स्व-अध्याय और ईश्वर प्राणाधान । इन सभी नियमों का पालन कर व्यक्ति परमात्मा को पा लेता है और आचारिक रूप से शक्तिशाली बनता है।


3. आसन :- आसन से अभिप्राय अपने शरीर को ठीक मुद्रा में रखना है। ठीक मुद्रा में रखने से मन शांत रहता है। आसन करने से शरीर व दिमाग दोनों चुस्त रहते है।
4. प्राणायाम :– जिस प्रकार स्नान शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है, उसी प्रकार प्राणायाम मन की शांति के लिए आवश्यक है। प्राणायाम का अर्थ श्वास को अंदर ले जाना तथा बहार निकालने पर उचित निंयत्रण रखना है। इसके तीन भाग है-पूरक ,रेचक और कुंभक।
5. धारणा :– अपने मन के निश्चल भाव को धारणा कहते है।
6. ध्यान :– जब मन पूरी तरह निंयत्रण में हो जाता है तो ध्यान लगना आरंभ हो जाता है।
7. प्रत्याहार :– प्रत्याहार से अभिप्राय ज्ञानेंद्रिओं को अपने नियंत्रण में रखने से है
8. समाधि :– समाधि योग का सर्वोत्तम अवस्था है। यह सांसारिक दुःख – सुख से ऊपर की अवस्था है। इस अवस्था में वह उस लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है जहाँ आत्मा व परमात्मा का मिलन होता है।

दैनिक जीवन में योग के महत्व ( what is yoga in hindi ):-

आधुनिक युग में, योग की महता को देखते हुए आज योग विश्व – भर में फैल रहा है। योग दिवस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाने से इसकी उपयोगिता या महता और अधिक बढ़ गई है। प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21,जून ,2015) मनाए जाने से सिद्ध हो चुका है कि आधुनिक संदर्भ में योग की महता दिन – प्रतिदिन निंरतर बढ़ रही है।(आत्मविश्वास को कैसे बढ़ाये, जानिए)

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हमारा पूरा जीवन योगमय है। हमें योग को अपनाकर इसका निरंतर अभ्यास करना चाहिए, कयोंकि योग उन्नति का साधन है। यह चाहे शारीरिक उन्नति का हो या आधात्मिक । अध्यात्म की मान्यताओं की बात करे तो कहा जाता है। कि संसार पांच तत्वों; जैसे पृथ्वी, जल, आकाश, अग्नि और वायु के मिश्रण से बना है। उसी प्रकार हमारा शरीर पांच महाभूतों के संयोग से बना है। अध्यात्म से मान्यता है कि पुरुष एव प्रकृति के योग से ब्रहांण्ड का निर्माण हुआ । जड़ एव चेतन के योग से जीव जगत की रचना हुई। प्राणियों की आपस से परिवार का निर्माण हुआ । अतः योग विकास का मूल मंत्र है जिससे हमारे अंतस्थ की उन्नति संभव है। योग के महत्व का वर्णन निम्नलिखित है– what is yoga in hindi

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1. योग से नकारात्मक विचार सकारात्मक प्रवृति में बदल जाते है।
2. योग से शरीर की आंतरिक शुध्दता बढ़ती है।
3. योग से शरीर में रक्त का संचार तीर्व होता है।
4. योग मोटापे को निंयत्रण करने में मदद करता है।
5. योग मन व शरीर में सामंजस्य स्थापित करता है।
6. योग से शारीरिक मुद्रा में सुधार होता है।
7. योग से मानसिक तनाव व चिंता दूर होती है।
8. योग रोगों की रोकथाम व बचाव में सहायक करता है।
9. योग आत्म – विश्वास तथा मनोबल निर्माण में सहायता करता है।
10. योग शारीरिक, मानसिक एव आध्यात्मिक पहलुओ में एकीकरण करने में सहायक होता है।
11. यह शारीरिक संस्थानों की कार्य-क्षमता को सुचारु रखने में सहायक होता है।
12. योग में सर्वस्व कल्याण हित है। यह धर्म – मजहब से परे की विधा है।
13. योग आध्यात्मिक व शारीरिक विकास में सहायक है।
14. योग हमारे जीवन का आधार है। यह हमारी अंतर चेतना जगाकर विपरीत परिस्थितियों से लड़ने की हिम्मत देता है। यह हमारी जीवन शैली में बदलाव करने में सहायक है।
15.योग धर्म, जाति, वर्ग, ऊँच – नीच तथा अमीर – गरीब आदि से परे है। किसी के साथ किसी भी प्रकार का कोई भेद – भाव नहीं है।

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FAQ :- what is yoga in hindi

योगासन करते समय किन – किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. योगासन करते समय साफ-सुथरे वस्त्र पहनने चाहिए।
2. योगासन करते समय हमेशा नाक द्वारा ही साँस लेना चाहिए।
3. योगासन करते समय पर कम – से – कम कपड़े होने चाहिए, लेकिन सर्दियो में उचित वस्त्र होने चाहिए।
4. योगासन का अभ्यास धीरे – धीरे बढ़ाना चाहिए ।
5. योगासन का अभ्यास सुबह – सुबह करना चाहिए, अच्छा हो यही आप नहा कर अभ्यास करे।
6. योगासन, एकाग्र मन से करना चाहिए, इससे अधिक लाभ मिलता है।
7. योगासन खाली पेट करना चाहिए, अभ्यास के दो घंटे बाद ही भोजन करना चाहिए।
8. प्रेत्यक आसन निशिचत समयानुसार करे।
9. यदि शरीर अस्वस्थ व बीमार हो, तो आसन नहीं करने चाहिए।
10. अभ्यास करने वाला स्थान साफ – सुथरा होना चाहिए।

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